ऐसे इस हाथ की अंगुली को ऐसे दबाओगे तो क्या से क्या हो जाएगा
हेलो दोस्तों नमस्कार
ये बहुत जरूरी बात है , आपको आज बहुत बड़ी उपाय बताने जा रहा हूं |आपको ना जप करना पड़ेगा ज्योतिषी के पास ₹1 खर्चा करना पड़ेगा ना पूजा नौ दिन में चमत्कार होगा |
दसवे दिन से आपको अनुभव होने लगेगा |अब मैं जैसे जैसे पूछूंगा उसका जवाब दो किस किस का मन घबराता है |
आपका मन घबराता दिखता है आपके कारण आपके पति का मन घबराता दिखता है। लेकिन आप उल्टा बोलते रहते हो | कि मेरा मन घबरा रहा है। मन संबंधी डिप्रेशन स्ट्रेस किसको है डिप्रेशन में कौन है?
डिप्रेशन क्या है यानी क्या आपको पता है ,कि वो शब्द सुन के बैठ गये है। डिप्रेशन यानी मनोव्याधि है |क्या है मनोव्याधि ठीक है।
किस किस के बच्चों को पढ़ने का मन नहीं होता है ?
किस-किस को किसी बात को बोलते समय जीभ फिसल जाता है?
कोई गलत बोल देते हैं। फिर घर में क्लेश होता है। कुछ ना कुछ मन जिव्वा से कोई गलती होती है। बोलना सही ही होता है।
सोचे कुछ और बोले कुछ ऐसे कभी कभी होता ऐसा कौन-कौन है? नहीं तो स्कूल में टीचर क्या डालता है सबको अंडा देकर चला जाता है , चलो अब देखो आपको उपाय बताता हूं जिनको मन संबंधी तकलीफ हो बुद्धि सही नहीं हो बहुत सरल उपाय है|
ऐसा उपाय देखो ये जो उंगली है छोटी उंगली इतनी सी बात ये जो छोटी उंगली है न दोनों भाई बहन दोनों देखो इस उंगली में ब्रह्मांड से चंद्र की शक्ति निरंतर प्रवेश करती है। कौन सी शक्ति? चंद्र की शक्ति। बुध की शक्ति चंद्र मन का स्वामी है। मन जो भी आपका कंट्रोल होता है |
चंद्र से इसलिए चंद्रमा मनसो जात वेद कहता है | कि चंद्र मन का जातक है। मन मन चंद्र से उत्पन्न होता है। तो योगी जो योग साधना करते हैं तो चंद्र को पूरी तरह अमृत किरण की तरह निगल जाते हैं।
इसलिए उनके पास मन काम नहीं करता। वो निर्विकल्प योगी बन जाते हैं। समझ आ रहा है न
जिसको को मन संबंधी प्रॉब्लम है, बुद्धि संबंधी, पढ़ाई संबंधी, ज्ञान संबंधी तो उनको रोज करना है |
तो रोज क्या करना? स्त्रियों को यह जो बाया हाथ की छोटी उंगली है उसको केवल पांच मिनट तक या कम से कम तीन मिनट तक खाली ऐसे दबाना इसमें चंद्र और बुध की शक्ति को आकर्षित करने की शक्ति इतनी आएगी , कैसा भी डिप्रेशन हो डिप्रेशन वाले बहुत सारे जो हॉस्पिटल जाते हैं उनको इतना ही सिखना कि छोटी उंगली को अच्छे से दबाएं तीन मिनट रोज सुबह उठ के नहा धो के खाली पेट आप आठवे या नौवे दिन देखेंगे कि आठ साल पांच साल तीन साल दो साल एक साल पुराना पुराना से पुराना कैसा भी डिप्रेशन हो नौवे दिन वो नहीं निकल जाएगा | अपने साधना की शक्ति देख लेना आपको
नौ दिन चैलेंज वाली बात कर रहा हूं
चैलेंज वाली बात है, ये उंगली है चंद्र और बुध की इतना ही समझ लो ये उंगली कौन सी है? चंद्र और बुध की। आप तो पूरा ही दबाना। मैं बताऊंगा, पूरा ही कंट्रोल में कैसे लाना है | जैसे कि कोई एक कमरा है पूरे घर में आपके अपने कंट्रोल में कैसे होगा,कि पूरा घर हमारे कंट्रोल में हो |तो क्या करेंगे लेकिन मन के लिए मैंने बताया कि ये अंगुली दबाना। किसका मन भटकता रहता है। मन ठिकाने नहीं रहता। कोई कुछ बोलते हैं तो हमको सुनने का मन नहीं करता। कहीं सोच में पड़े रहते हैं। फिर बोलते हैं कि
आपने क्या बोला?
आपने क्या बोला? वो बोलता तेरा सिर बोला। हां तो क्या करना? ।अब आपको कैसे करना है | देखो लेडीज को लेफ्ट हाथ में करना। ये लेडीज का जो लेफ्ट हाथ है लेफ्ट पार्ट में ही काम करेगा। पुरुष को राइट हाथ में करना है राइट उनका काम करता है।
आदमी लेफ्ट में करेगा तो थोड़े दिन में औरत की तरह बोलने लगेगा। फिर मुझे मत बोलना। जेंट्स को लेफ्ट में या लेडीज़ को राइट में ? ये रोज दबाने से मनोबल बढ़ता है। मनोदृढ़ता बढ़ती है। मन की शक्ति बढ़ती है। इसको रोज ऐसे थोड़ी देर देखो अभी थोड़ा सा करो। दो मिनट। देखो आपको अंदर से मन में खुशी महसूस होती है।
जब भी आप यहां दबाते हो एंडफिन, ऑक्सीटोसिन, डोपामाइन और सेरोटोनिन चारों हैप्पी एंजाइम अपने आप क्रिएट होना शुरू हो जाता है।
इसलिए डिप्रेशन नहीं आएगा। डिप्रेशन यानी लैक ऑफ एंडोरफिन साइंस में मेडिकल साइंस बोलता है कि जिसमें एंडोरफिन की कमी है वो डिप्रेशन है। मन से नहीं होता।
कई लोगों को जिंदगी भर कोई दुख की घटना होती है लेकिन बाहर से वो खुश रहता है। आप उसको भी देखे होंगे और कई लोगों को छोटी सी बात में बहुत बड़ी लग जाती है।
यह भी आपने देखा होगा तो यह मन की बात है। मन के जीते जीत है मन के हारे हार। इसलिए इस हाथ को दबाओ इधर हां राइट में मन चंगा होगा । कैसे? मन चंगा हां। कई लोग बोलते हैं अस्त्र दे दो।
सनातनियों को अस्त्र दे दो। सब लड़ेंगे हम वीर बन जाएंगे। अरे अस्त्र दे देने मात्र से क्या होगा?
मन से योद्धा भी बनना पड़ेगा। खाली अस्त्र दे दोगे। कायर के हाथ में आज तक बहुत अस्त्र सप्लाई हो रहे हैं सनातन में। लेकिन अस्त्र काम क्यों नहीं कर रहे हैं? क्योंकि हम अस्त्र की व्यवस्था कर रहे हैं। योद्धा बनने की गुणों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। जिस दिन योद्धा बनेंगे अस्त्र की क्या जरूरत है।
एक मुक्का मारे वो गिर पड़े वो क्या करेंगे | कहेंगे बाद में देखा जाएगा क्या बाद में देखा जाएगा समय निकल जाने के बाद पछतावा के सिवा हाथ में कुछ नहीं आएगा आ जाए वैसा काम करें।
योद्धा झंडा उठाना चाहता है। हां तुम ऐसे ही उठा। अभी थोड़ी देर में देखो बाहर कोई आवाज आए तो उठ के भागे। अभी बाहर आवाज आने की जरूरत नहीं है। बस सभा में एक सांप छोड़ दे। देखो अभी कैसे भागे सांप के नाम से । एक एक सांप लाके अंदर छोड़ दे। देखो कैसे भागे। तुम बातों के वीर हो। इसीलिए आज तक देश को बहुत कुछ सहन करना पड़ा।
जिस दिन आप यह उंगली दबाओगे, मन से मजबूत होगे। यह ध्यान रखो। एक छोटा सा कौम, एक छोटी सी बस्ती में रहने वाली विचारधारा की कोई जाति अगर आपके सामने चीखती है, चिल्लाती है, इसका कारण है कि हमारा प्रशिक्षण में कहीं कमी है। जिस दिन प्रशिक्षण पूरा हो जाएगा, चीटियों को रदने में 10 मिनट नहीं लगेगा। अब यह ध्यान रखो | गुरु का काम भी क्या है? देखो सनातन में ही ऐसे गुरु हुए। परशुराम जी ने युद्ध विद्या सिखाई। द्रोणाचार्य ने भी अस्त्र विद्या सिखाई। वशिष्ठ ऋषि ने जीवन विद्या सिखाई।
कई ऐसे हमारे गुरु हुए जिन्होंने आकाश नक्षत्र मंडल की विद्या तरह-तरह की सिखाई।
सनातन धर्म ही ऐसा है। आपको मोक्ष विद्या, आत्म विद्या, इहलौकिक विद्या, परलौकिक विद्या, सामुद्रिका विद्या, नृत्य विद्या, शास्त्र विद्या, संगीत विद्या, अस्त्र विद्या, शस्त्र विद्या, अस विद्या, मसी विद्या, मंत्र विद्या, ज्ञान विद्या, गणित विद्या, विज्ञान विद्या, शिल्प विद्या, देव कला विद्या, वास्तु विद्या, दुनिया की कोई भी विद्या आपको चाहिए। हर प्रकार के अगर गुरु मिल सकते हैं तो सनातन धर्म में ही मिलेंगे। ऐसा केवल सनातन धर्मों में ही मिलते है |
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