यहां प्रस्तुत पोस्ट को ब्लॉग के रूप में सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं सरल भाषा में तैयार किया गया है



 सरल योग और हस्त मुद्राएँ: जीवन को स्थापित करने वाली शक्तियाँ

भारतीय अध्यात्म एवं योग शास्त्र में हमारे शरीर को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। पांचों अंगलियां अपने-अपने ग्रह शक्तियों और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सीधा प्रभाव डालती हैं। यहां जानें, कैसे हर उंगली को सरलता से उंगलियों और हाथों की मुद्राओं से अपने जीवन में बदला जा सकता है।


1.पुरुषत्व और संतति सुख के उपाय

अगर किसी पुरुष में वीर्य की कमी हो या संतति की कमी हो तो रोज़ाना दाहीने हाथ की  उंगली (जो विशेष ग्रह से संबंधित है) को दबाए। यह स्पर्म को बढ़ाने में सहायक है और संतान प्राप्ति के योग को मजबूत बनाता है। नियमित दबाव पड़ने से शरीर में ऊर्जा और क्षमता में वृद्धि होती है।



2. शनि की शांति और भय निवारण

यदि जीवन में बार-बार डर, शत्रु बाधा या शनि दोष की स्थिति का अनुभव हो रहा है, तो बीच की उंगली (मध्यमा) को प्रतिदिन तीन मिनट दबाना चाहिए। इस उंगली में नीलम को धारण करने से भी शनि को बल मिलताहै | जिससे मदद मिलती है और शनि दोष दूर होता है, भय समाप्त होता है और बाधा दूर होती है।


3. शुभ कार्य एवं जीवन में सफलता

अच्छा काम रुकना, विवाह-योग रुकना, प्रमोशन या धनागमन जैसे प्रगति में बाधा हो तो निर्णायक के पास वाली गुरु उंगलियों को तीन मिनट दबाना। पुरुष दाएं हाथ और महिलाओं बायीं हाथ की उंगली दबाएँ। यह देवगुरु बृहस्पति की शक्ति को जाग्रत करता है और काम में लग जाता है।


4. ऊर्जा एवं आरोग्यता के लिए सरल योग

स्वास्थ्य और शक्ति चाहिए तो सभी पांचों अंगुली को कंधे पर हाथ रखकर बाएं लें, उन्हें और दोनों हाथों से छाती के सामने एक बार थपकी दें। आँखे बंद करके ऊर्जा को अनुभव करें - यह हृदय को स्वस्थ रखता है, रक्त संचार बढ़ाता है और गतिशीलता शक्ति के लिए अत्यंत है।


5. पाचन शक्ति एवं सिग्नल की ऊर्जा

भोजन सही से पच नहीं पाता  या कब्ज़ आदि की समस्या है तो पेट के मध्य भाग (नाभि क्षेत्र) को पांच-छह बार हाथों से दबाना। इससे पाचन बेहतर होता है, शुक्र, बुध, चंद्र, सूर्य आदि ग्रहों की शक्तियां सक्रिय होती हैं, और पेट से संबंधित प्रभाव दूर होते हैं।


6. सफलता मुद्रा (जीत मुद्रा)

प्रत्येक कार्य में सफलता प्राप्ति, प्रार्थना या संकल्प सिद्धि के लिए 'सफलता मुद्रा' लें दोनों हाथों से एक विशेष मुद्रा लें मन ही मन प्रार्थना करें और अपने कार्य की सिद्धि के लिए संकल्प लें। यह मुद्रा नकारात्मकता को दूरदर्शिता के लिए है।


निष्कर्ष

इन पांचों मुद्राओं में और सरल हस्त मुद्राओं में ऐसा चमत्कारी विज्ञान छिपा है, जिसका अभ्यास बिना किसी खर्च, औषधि या विशेष साधन के जीवन को नई ऊर्जा, स्वास्थ्य, सफलता और सकारात्मकता प्रदान करता है। इन कामों को रोज़ाना कुछ मिनट तक करके आप अपनी जिंदगी को बदल सकते हैं।

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नोट: यह जन-जागरूकता और आध्यात्मिक जानकारी के लिए जन-जागरूकता आलेख है। शरीर या स्वास्थ्य से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लें


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